Friday, 30 March 2018
Wednesday, 7 February 2018
तेरा हूं
अब तक बस जी रहा था मै
जिंदगी की होड़ का हिस्सा था मै
कभी इस गली, तो कभी उस गली
कभी इस शहर, तो कभी उस शहर
जवानी के बहाव में मदहोश था मै
बस एक तुम्हारी दस्तक से कुछ ऐसा सुकून मिला
खुशनसीब हूं अब के, तेरा हूं मैMonday, 5 February 2018
मां
ममता, ना कभी इम्तेहान लेती है और ना कभी इम्तेहान देती है
मां तो वो होती है जो बारिश मै भीगे चेहरे पर भी आंसू पहचान लेती है
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Waqt
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