अब तक बस जी रहा था मै
जिंदगी की होड़ का हिस्सा था मै
कभी इस गली, तो कभी उस गली
कभी इस शहर, तो कभी उस शहर
जवानी के बहाव में मदहोश था मै
बस एक तुम्हारी दस्तक से कुछ ऐसा सुकून मिला
खुशनसीब हूं अब के, तेरा हूं मैज़िंदगी के पल कुछ थाम ना सका कुछ रिश्तों को अपना बना ना सका पुराने दिन बहुत याद आते है कुछ किस्से बहुत रुलाते है जिगरी यार आईना...