खतों का कभी जवाब भी दे दिया करो,
वरना दिल में रुसवाईयां हो जाती है
मेरी खामोशियों को पढ़ लिया करो,
अक्सर लफ्जो से लड़ाईयां हो जाती है।
ज़िंदगी के पल कुछ थाम ना सका कुछ रिश्तों को अपना बना ना सका पुराने दिन बहुत याद आते है कुछ किस्से बहुत रुलाते है जिगरी यार आईना...